राजस्थान में प्लॉट की रजिस्ट्री का खर्च, पूरे हिसाब के साथ
लेखक: Vikas Jyani, परख के प्रोपराइटर। आखिरी जाँच: 1 नवंबर 2026।
राजस्थान में प्लॉट की सेल डीड की रजिस्ट्री पर सरकार को तीन चीज़ें देनी होती हैं: स्टांप ड्यूटी, उस ड्यूटी पर सरचार्ज, और रजिस्ट्रेशन फ़ीस। ₹10 लाख से ऊपर की कीमत के प्लॉट पर पुरुष खरीदार का कुल खर्च कीमत का 8.98% होता है। महिला खरीदार का 7.65%।
रेट
₹10 लाख से ऊपर की कीमत के प्लॉट पर:
| कौन खरीद रहा है | स्टांप ड्यूटी | सरचार्ज | रजिस्ट्रेशन फ़ीस | कुल |
|---|---|---|---|---|
| पुरुष | 6% | 1.98% | 1% | 8.98% |
| महिला | 5% | 1.65% | 1% | 7.65% |
| SC, ST या BPL महिला | 4% | 1.32% | 1% | 6.32% |
| दिव्यांग व्यक्ति | 5% | 1.65% | 1% | 7.65% |
₹10 लाख या उससे कम कीमत के प्लॉट पर कुल खर्च पुरुष के लिए 8.8%, महिला के लिए 7.5%, SC, ST या BPL महिला के लिए 6.2% और दिव्यांग व्यक्ति के लिए 7.5% है।
- स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फ़ीस: e-Panjiyan की रेट शीट से, जिस पर 25 जनवरी 2023 की तारीख है। इसके अलावा ₹200 या ₹300 की एक छोटी CSI फ़ीस भी है।
- सरचार्ज: स्टांप ड्यूटी का 33%, या कीमत ₹10 लाख या उससे कम हो तो 30%। यह राजस्थान फ़ाइनेंस एक्ट 2026 की धारा 5 से बढ़ा, जो 27 मार्च 2026 के गज़ट में छपा।
कई पेजों पर अभी भी पुरुष के लिए 8.2% या 8.8% लिखा है। उनमें सरचार्ज का कुछ हिस्सा छूटा है, या वे 2026 से पहले लिखे गए थे।
पूरा हिसाब: ₹25 लाख का प्लॉट
| पुरुष | महिला | |
|---|---|---|
| स्टांप ड्यूटी | ₹1,50,000 | ₹1,25,000 |
| सरचार्ज, ड्यूटी का 33% | ₹49,500 | ₹41,250 |
| रजिस्ट्रेशन फ़ीस, 1% | ₹25,000 | ₹25,000 |
| कुल, CSI फ़ीस अलग | ₹2,24,500 | ₹1,91,250 |
उसी प्लॉट की रजिस्ट्री महिला को ₹33,250 कम में पड़ती है।
अगर DLC कीमत आपकी कीमत से ज़्यादा हो
ड्यूटी डीड की कीमत और प्लॉट की बाज़ार कीमत में से जो ज़्यादा हो, उस पर लगती है, और DLC रेट एक तरह की निचली सीमा है। अगर सौदा ₹25 लाख में तय हुआ और प्लॉट की DLC कीमत ₹28 लाख है, तो पुरुष खरीदार को ₹1,68,000 + ₹55,440 + ₹28,000 = ₹2,51,440 देने होंगे।
₹10 लाख पर, जहाँ सरचार्ज 30% है, पुरुष खरीदार को ₹60,000 + ₹18,000 + ₹10,000 = ₹88,000 देने होंगे।
महिला के नाम पर खरीदना
कम रेट महिला खरीदार के लिए है। महिला और पुरुष दोनों के नाम की डीड पर सरकार का साफ़ नियम हमें नहीं मिला, इसलिए डीड में किसका नाम होगा यह तय करने से पहले सब-रजिस्ट्रार दफ़्तर से पूछ लें।
इसमें क्या शामिल नहीं है
ये डीड पर सरकार के खर्च हैं। इनमें डीड लिखने वाले या वकील की फ़ीस, और JDA में नाम बदलवाने या लीज़ का खर्च शामिल नहीं है। परख की फ़ीस भी अलग है। रजिस्ट्री का खर्च आम तौर पर खरीदार देता है, पर बेचने के एग्रीमेंट में लिखा होना चाहिए कि कौन देगा।
ये बातें कहाँ से ली गईं
ऊपर के दोनों लिंक हमने 1 नवंबर 2026 को पढ़े। दोनों सरकारी लेख हैं: e-Panjiyan की रेट शीट, और PRS पर राजस्थान फ़ाइनेंस एक्ट 2026। हमें इससे नई रेट शीट नहीं मिली, इसलिए रजिस्ट्री से पहले सब-रजिस्ट्रार दफ़्तर से रेट पक्के कर लें।
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी सलाह नहीं। रेट और नियम बदलते रहते हैं, इसलिए इस पर चलने से पहले सरकारी स्रोत देखें या किसी वकील से पूछें।
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